सख्त हुए नियम:- बगैर पीएचडी न शिक्षक बन सकेंगे, न ही होगी पदोन्नति

Shikshak Bharti 2018, vishwvidyalay shikshak bharti, Bagair PHD n Shikshak n hogi padunnati

बगैर पीएचडी न शिक्षक बन सकेंगे, न ही होगी पदोन्नति

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमोशन के लिए अब पीएचडी अनिवार्य होगी। यूजीसी ने प्रोफेसरों की सीधी भर्ती और प्रमोशन से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। इसके मुताबिक 1 जुलाई 2021 के बाद बगैर पीएचडी वाले आवेदक असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं बन सकेंगे। एसोसिएट प्रोफेसर अथवा प्रोफेसर पद पर प्रमोशन के लिए भी पीएचडी अनिवार्य शर्त होगी। 118 जुलाई को यूजीसी ने शिक्षकों की नियुक्ति-प्रमोशन आदि बाबत नया गजट जारी कर दिया है।

नई नियमावली में शिक्षकों को एपीआइ (एकेडमिक परफारमेंस इंडीकेटर) के संबंध में खासी छूट मिली है। शिक्षकों के प्रमोशन की राह की सबसे बड़ी दुश्वारी रही एपीआइ के अंकों को जुटाना, पहले की तरह कैपिंग प्रणाली से मुक्त हो गई है, नंबर जुटाने के लिए ढेरों विकल्प दिए गए हैं, ऐसे में पहले की अपेक्षा अब सुविधा होगी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सीधी भर्ती के नियम भी कड़े कर दिए गए हैं। यूजीसी ने रिसर्च पेपर और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा महत्व दिया है। प्रोफेसर की सीधी भर्ती में आवेदक के 120 अंक अनिवार्य किए गए हैं जबकि एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 75 अंक होना जरूरी है।

पांच वर्ष के लिए बनेंगे प्राचार्य : यूजीसी रेग्यूलेशन 2018 लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव महाविद्यालयों के प्राचार्यो को लेकर होगा। नए नियमों के अनुसार कॉलेजों में प्राचार्य का कार्यकाल केवल पांच वर्ष तक सीमित कर दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन चाहे तो प्राचार्य को परफारमेंस के आधार पर पांच साल का एक्सटेंशन दे सकता है।

विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति-प्रमोशन के लिए नया अध्यादेश जारी

कड़े हुए नियम, कॉलेजों में प्राचार्य के लिए एपीआइ की बाध्यता खत्म

Shikshak Bharti 2018, vishwvidyalay shikshak bharti, Bagair PHD n Shikshak n hogi padunnati



Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

(cc) Some Rights Reserved. Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget