बंद हो चुके स्कूलों में 'राइट टु एजुकेशन'

बंद हो चुके स्कूलों में 'राइट टु एजुकेशन'

अभिभावकों को बुलाया

बीएएस अमरकांत ने सभी अभिभावकों से आवेदन लेने के बाद उन्हें बुलाया है। हालांकि परेशान अभिभावकों का काम कब तक होगा इसकी जानकारी बीएसए कार्यालय का कोई भी अधिकारी नहीं दे पा रहा है।


ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। आवेदन लेने के बाद समस्या का समाधान किया जा रहा है। कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिसको जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
अमरकांत सिंह, बीएसए


सेकंड लिस्ट में सबसे ज्यादा खामियां

आरटीई के तहत अभी तक लखनऊ से तीन लिस्ट को मिलाकर 11 हजार से ज्यादा अलॉटमेंट हुए हैं। विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सभी लिस्ट में इस तरह की समस्या आ रही है। हालांकि, तिसरी लिस्ट अभी जारी हुई है। ऐसे में उसमें सबसे कम केस अभी सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले सेकंड लिस्ट से आ रहे हैं। इसमें पांच हजार से ज्यादा अलॉटमेंट हुए हैं।• एनबीटी संवाददाता, लखनऊ



राइट टु एजुकेशन(आरटीई) के तहत दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अभिभावक और विभाग के अधिकारियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। ऑनलाइन लॉटरी में कम्प्यूटर से जो स्कूल अलॉट हुए हैं , वह कई साल से बंद पड़े हैं। स्थिति यह है कि बीएसए कार्यालय में रोजाना 50 से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। इसमें कभी स्कूल बंद होने, सूची न मिलने तो कभी वॉर्ड बदलने की बात सामने आ रही है। बालागंज वॉर्ड निवासी इरफान ने बताया कि उनके बेटे इरफान को जेआईएचबी पब्लिक स्कूल नारायन नगर अलॉट हुआ है, लेकिन एक सप्ताह से वह इलाके में स्कूल खोज रहे हैं, लेकिन कोई भी इसकी जानकारी नहीं दे पा रहा है। विभाग में शिकायत दी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

लिस्ट में नाम के बाद भी ऐडमिशन नहीं

राजाजीपुरम निवासी देवेन्द्र सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत उनकी दोनों बेटियों संजना और अंशिका का नाम स्वर्णिंम पब्लिक स्कूल और सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में आया है, लेकिन उन्हें दाखिला नहीं मिल पा रहा। दुबग्ग्गा निवासी मोहम्मद फिरोज का कहना है कि उनके दो बच्चों मोहम्मद फजल और लाइबा बानो का लखनऊ पब्लिक स्कूल, आम्रपाली योजना, दुबग्गा में नाम आने के बाद भी स्कूल में दाखिला नहीं दिया जा रहा है।
ऑनलाइन लॉटरी में तकनीकी खामी

बन रहा अभिभावकों की मुसीबत

केस 1

रकाबगंज के अलफिशा केजी ने अपने बेटे के आरटीई फॉर्म में कैंब्रिज, विशाल जय हनुमान प्रगति और शिवानंद मॉन्टेसरी स्कूल का नाम भरा था। उन्हें शिवानंद मॉन्टेसरी स्कूल अलॉट हुआ। यह स्कूल 10 साल से बंद पड़ा है।


केस 2

मोहम्मद अली ने अपने बेटे मोहम्मद निसाज के लिए आरटीई में आवेदन किया था। उन्हें केएसएस पब्लिक स्कूल त्रिवेणाी नगर का स्कूल अलॉट हुआ। यह स्कूल चार साल से बंद पड़ा है। उन्होंने इसे लेकर बीएसए कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई है।


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