दिव्यांग और महिला शिक्षकों को भेज दिया 35 किमी दूर

दिव्यांग और महिला शिक्षकों को भेज दिया 35 किमी दूर

जागरण संवाददाता, वाराणसी : गैर जिले से स्थानांतरित होकर आईं परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का समायोजन जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर कर दिया गया है। इनमें दिव्यांग व महिला शिक्षक भी शामिल हैं। इन्हें आजमगढ़ जिले की सीमा से सटे विद्यालय आवंटित किए गए हैं। मुख्य मार्ग से दूर होने के कारण सुगम आवागमन की सुविधा नहीं हैं। 1 इसे लेकर महिला शिक्षकों में रोष है। करीब 100 से अधिक महिला शिक्षकों ने नवीन तैनाती स्थल पर ज्वाइन न करने की धमकी दी है। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत 30 जून तक गैर जिलों से 363 शिक्षकों का स्थानांतरण बनारस हुआ था। ऐसे शिक्षकों को 12-13 जुलाई को स्कूल आवंटित किए गए थे। महिला व दिव्यांग शिक्षकों से मांगे गए विकल्प के अनुसार ही उन्हें स्कूल आवंटित किए गए।

धोखे में रखकर भराया विकल्प1महिला शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें धोखे में रखकर विकल्प भरवा लिया गया। इस प्रकार नगर के नजदीक और रोड के स्कूलों में रिक्तियों के बावजूद जिले की सीमा पर स्थित स्कूलों में मनमाने तरीके से समायोजित कर दिया। ताकि समायोजन के नाम पर धन की उगाही की जा सके।

करेंगी विरोध, निकालेंगी मार्च 1शिक्षकों ने जिले के सभी स्कूलों की रिक्तियां सार्वजनिक करने की मांग की है। इस क्रम में वे 16 जुलाई को बीएसए से डीएम आफिस तक विरोधमार्च निकालेंगी। संशोधित स्कूल आवंटन सूची जारी कराने के लिए इस दौरान डीएम को एक ज्ञापन भी देने का निर्णय लिया गया है। 1बीएसए पर खेल करने का आरोप

दूसरी ओर, महिला शिक्षकों ने बीएसए जय सिंह पर विकल्प के नाम पर खेल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्यालयों की सूची ब्लाकवार नहीं बनाई गई। यहीं नहीं रिक्तियां 30 से 45 किमी दूरी पर स्थित विद्यालयों में दिखाई गईं। गैर जिले से आने के कारण ज्यादातर शिक्षकों को जानकारी नहीं थी कि अमुक स्कूल किस ब्लाक में कितनी दूरी पर है। आवागमन की सुविधा है या नहीं।


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