बेसिक शिक्षा परिषद उप्र की ओर से संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के हॉस्टलों में सुविधाओं के अभाव का आरोप, छात्रओं के हॉस्टलों की सुविधा पर कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

छात्रओं के हॉस्टलों की सुविधा पर कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

कंपनी के पूर्व निदेशक के प्रत्यर्पण पर प्रगति रिपोर्ट तलब

विधि संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर की मेसर्स राजेंद्रा स्टील कंपनी के पूर्व निदेशक डीके बत्र के अमेरिका से प्रत्यर्पण की कार्यवाही की सीबीआइ से प्रगति रिपोर्ट मांगी है। याचिका की सुनवाई 30 जुलाई को होगी। न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआइ के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि कोर्ट की ओर से जारी आदेशों सहित अन्य पत्रजात पांच जुलाई को दोबारा गृह मंत्रलय को भेजा गया है। हंिदूी में पारित आदेशों का अंग्रेजी अनुवाद भेजा गया है। साथ ही निदेशक के खिलाफ दर्ज एफआइआर की प्रति भी भेजी गई है। कोर्ट ने आगे की कार्यवाही को हलफनामे के माध्यम से दाखिल करने का आदेश दिया है। पूर्व निदेशक पर कंपनी की संपत्तियों का घपला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआइ जांच की जा रही है। पूर्व निदेशक के प्रत्यर्पण में देरी के चलते श्रमिकों का कंपनी के प्रति देयों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।


कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के हॉस्टलों में सुविधाओं के अभाव का आरोप, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से हलफनामा तलब, सात अगस्त को सुनवाई


विधि संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद उप्र की ओर से संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के हॉस्टल की दशा और उपलब्ध सुविधाओं की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी की निगरानी में एसडीएम 10 दिन में जांच कर रिपोर्ट पेश करें और प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, सात अगस्त को कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर जानकारी दें।

यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने एटा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय अवग्रह की वार्डेन आरती यादव की याचिका पर दिया है। याचिका में याची की संविदा पर नियुक्ति निरस्त करने के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि उसके जवाब पर विचार किए बिना ही सेवा समाप्त कर दी गई। विपक्षी अधिवक्ता ने 19 मार्च 2018 की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि छात्रओं के हॉस्टल में भारी अनियमितताएं है। सुविधाओं का अभाव है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि तमाम अनियमितता और अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के क्या उपाय किए गए हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव से पूछा है कि बेसिक शिक्षा परिषद कितने हॉस्टलों का संचालन कर रहा है। इनमें सुविधाओं के शासनादेश क्या है। मौके पर जाकर हॉस्टल भवन, कमरों, टॉयलेट, मेस में खाने की गुणवत्ता वार्ड की सुरक्षा व सुविधाओं पर रिपोर्ट दी जाए। यह भी बताया जाए कि जांच में मिली खामियों को ठीक करने के क्या कदम उठाए जा रहे हैं। याचिका की सुनवाई सात अगस्त को होगी।



बेसिक शिक्षा परिषद उप्र की ओर से संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के हॉस्टलों में सुविधाओं के अभाव का आरोप, छात्रओं के हॉस्टलों की सुविधा पर कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

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