शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है डायट

जासं, सकलडीहा (चंदौली) : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य, शिक्षक व लिपिकों के अभाव में चल रहा है। जबकि बीटीसी व डीएलईडी के डेढ़ सौ अभ्यर्थी यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। विषम परिस्थिति में भविष्य निर्माण में सहभागिता करने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों का भगवान ही सहारा है।

डायट में प्राचार्य, 27 प्रवक्ता व 9 लिपिकों का पद स्वीकृत है। मौजूदा समय मे संस्थान लंबे समय से पूर्णकालिक प्राचार्य के अभाव में संचालित है। प्रवक्ताओं में महज 15 प्रवक्ता कार्यरत हैं, जबकि 12 पद रिक्त हैं। नौ लिपिक में 3 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे प्रशिक्षण संस्थान में जहां भविष्य निर्माताओं का उत्पाद किया जाता है, वहां शिक्षकों की कमी तमाम सवाल खड़े करती है।

महज 5 प्रवक्ताओं के सहारे इन दिनों डायट में बीटीसी व डीएलईडी के डेढ़ सौ प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण की औपचारिकता पूरी की जा रही है। जबकि डायट में एनसीआरटी और भारत सरकार द्वारा संचालित नई तकनीकी शिक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं समय-समय पर सेवा पूर्व व सेवारत प्रशिक्षण भी चलता है। दिलचस्प यह कि इन्हीं 5 प्रवक्ताओं को विद्यालयों का अनुश्रवण कर शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन भी करना पड़ता है।

प्रभारी प्राचार्य डा. संगीत चौधरी ने बताया रिक्त पदों पर शिक्षकों की मांग की गई है।

शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है डायट

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