हैप्पी स्कूल’ लाएगा बच्चों के चेहरे पर मुस्कान

स्कूल तक ही नहीं सिमटेगा ‘हैप्पी स्कूल’ अभियान

पूर्व मावि जंगल कौड़िया से करेंगे शुरुआत, जिला प्रशासन की अनुमति लेकर क्लब ने शुरू की तैयारी

रोटरी इंटरनेशनल की पहल पर रोटरी क्लब गोरखपुर ने परिषदीय स्कूलों को संवारने का उठाया बीड़ा

डा. राकेश राय, गोरखपुर 1यूं तो परिषदीय स्कूलों को गोद लेकर उसे संवारने का बीड़ा कई अन्य संस्थाओं ने भी उठा रखा है लेकिन रोटरी इंटरनेशनल के रोटरी क्लब गोरखपुर का इसे लेकर किया जा रहा प्रयास अलहदा है। यह संस्था ‘हैप्पी स्कूल’ की अवधारणा के साथ इस प्रयास में आगे आई है। मकसद है परिषदीय स्कूलों में शिक्षा और अन्य व्यवस्था की गुणवत्ता बढ़ाकर ऐसे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना, जो निजी स्कूलों में धन के अभाव में नहीं पढ़ पाते और परिषदीय स्कूल की बदइंतजामी उनमें पढ़ने की ललक ही नहीं पैदा कर पाती। इसके लिए क्लब ने सबसे पहले जिले के जंगल कौड़िया ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल कौड़िया को चुना है। संस्था ने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर नाइन फाउंडेशन के वरिष्ठ रोटरी सदस्य केके तुलस्यान की मदद से तैयारी शुरू कर दी है। डेस्क-बेंच का आर्डर संस्था की ओर से दिया जा चुका है। साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए भी प्रयास शुरू हो गया है। संस्था की मंशा परिषदीय स्कूलों की ओर बच्चों और उनके अभिभावकों का रुझान बढ़ाने की है। संस्था के मुताबिक ‘हैप्पी स्कूल’ के तहत संस्था चयनित स्कूल में हर वह सुविधा मुहैया कराएगी, जिसकी अध्ययन के दौरान बच्चों को दरकार होती है।

यह प्रयास महज एक स्कूल तक नहीं ही सीमित रहेगा। स्कूलों का चयन करके उसे संवारने का कार्य तबतक चलेगा जबतक आधुनिकता की दौड़ में निजी स्कूलों से पीछे छूट गए परिषदीय विद्यालय इस दौड़ में एक बार फिर शामिल न हो जाएं।बदहाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल कौड़िया, जिसे बनाया जाएगा हैप्पी स्कूल ’ जागरणबच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल कौड़िया को आवश्यक संसाधनों से युक्त बनाने और बेहतर से बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए रोटरी क्लब गोरखपुर को अनुमति दे दी गई है। उम्मीद करता हूं कि उनके इस प्रयास से परिषदीय विद्यालयों के प्रति अभिभावकों की विश्वसनीयता एक बार फिर पहले की तरह लौटेगी।

बीएन सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुररोटरी क्लब गोरखपुर के सचिव महावीर कंडोई ने बताया कि हैप्पी स्कूल अभियान केवल स्कूल तक ही सिमट कर नहीं रहेगा। इससे स्कूल के आसपास के ग्रामीणों को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हर महीने निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बच्चों के अभिभावकों के अलावा सभी ग्रामीणों को आमंत्रित किया जाएगा। ऐसा करने से लोगों के मन में एक बार फिर से परिषदीय स्कूलों के प्रति वही विश्वसनीयता का भाव पैदा होगा, जो आज से तीन दशक या उससे पहले था। उन्होंने बताया कि जंगल कौड़िया पूर्व माध्यमिक विद्यालय को हैप्पी स्कूल योजना में शामिल करने से पहले जब उसके बारे में अध्ययन किया गया तो पता चला कि कभी इसमें 600 बच्चे पढ़ा करते थे लेकिन जैसे-जैसे निजी स्कूलों का प्रभाव बढ़ा, सुविधाओं के अभाव के चलते यह स्कूल पीछे छूटता गया। आज यहां महज 160 बच्चे पढ़ते हैं। यह दुखद है। विद्यालय का स्वर्णिम अतीत लौटाने के लिए रोटरी क्लब के लोग संकल्पित हैं।

हैप्पी स्कूल’ में यह होगा इंतजाम

छात्रओं के लिए स्वच्छ शौचालय

सेनेटरी वेंडिंग एंड डिस्पोजल मशीन

शौचालय में नल द्वारा पानी की उपलब्धता

हाथों की धुलाई के लिए पानी स्टैंड पोस्ट

स्वच्छ पेयजल का स्टैंड पोस्ट

सभी कक्षाओं में टेबल व बेंच

स्कूल के हर कक्ष में पंखे का इंतजाम

खेलने व व्यायाम के लिए पार्क का निर्माण

तकनीकी जागरूकता के लिए कंप्यूटर केंद्र

सोलर पैनल से ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना

हैप्पी स्कूल’ लाएगा बच्चों के चेहरे पर मुस्कान

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