इधर से उधर हो सकेंगे परिषदीय शिक्षक

इधर से उधर हो सकेंगे परिषदीय शिक्षक
Idhar se Udhar ho sakenge parishadiy shikshak


जागरण संवाददाता, बस्ती : लंबे समय से जनपद के भीतर शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण पर लगी रोक अब हट गई है। अब स्थानीय स्तर पर परिषदीय शिक्षक इधर से उधर हो सकेंगे। शासन ने इस आशय का फरमान जारी कर दिया है। विद्यालयवार अध्यापकों के पदों की संख्या का निर्धारण होगा। 30 सितंबर 2017 की छात्र संख्या के अनुसार अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित होगी। जहां अध्यापकों संख्या ज्यादा होगी, उन्हें कम शिक्षकों वाले विद्यालयों पर पदस्थापित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन की सचिव मनीषा त्रिघाटिया के स्तर से जारी आदेश में शैक्षिक सत्र 2018-19 में परिषदीय अध्यापकों का जनपद के भीतर समायोजन और स्थानांतरण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जिला स्तर पर चयन समिति का गठन होगा। जिलाधिकारी अध्यक्ष, बीएसए सचिव और प्राचार्य डायट तथा मुख्यालय पर कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी रहेंगे। यह समिति अध्यापकों के प्रत्यावेदन पर विचार करेगी। समायोजन प्रक्रिया में सर्वप्रथम कनिष्ठतम श्रेणी वाले अध्यापक संबंधित विकास खंड के निकटस्थ विद्यालय पर पदस्थापित किए जाएंगे।

यह भी कहा गया है कि दिव्यांग, असाध्य, गंभीर बीमारी से ग्रसित और महिला शिक्षकों के साथ समायोजन में विशेष सहूलियत रहेगी। उनकी सुविधानुसार पदस्थापन किया जाएगा। जिन विद्यालयों से सरप्लस अध्यापक हटाए जाएंगे वहां अन्य किसी की तैनाती नहीं हो सकती है। यह ध्यान दिया जाएगा कि समायोजन प्रक्रिया में कोई विद्यालय एकल न रहने पाए। अध्यापक- छात्र अनुपात 1 और 40 से अधिक तथा 1 और 20 से कम नहीं होना चाहिए। प्रत्येक जूनियर स्कूल में विज्ञान और गणित के अध्यापकों की उपलब्धता होना अनिवार्य है। 5 अगस्त तक स्थानांतरण और समायोजन की कार्रवाई पूरी कर लेनी है। फिलहाल तैनाती को लेकर असुविधा ङोल रहे शिक्षकों में उम्मीद की आस जग गई है। 1जागरण संवाददाता, बस्ती : लंबे समय से जनपद के भीतर शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण पर लगी रोक अब हट गई है। अब स्थानीय स्तर पर परिषदीय शिक्षक इधर से उधर हो सकेंगे। शासन ने इस आशय का फरमान जारी कर दिया है। विद्यालयवार अध्यापकों के पदों की संख्या का निर्धारण होगा। 30 सितंबर 2017 की छात्र संख्या के अनुसार अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित होगी। जहां अध्यापकों संख्या ज्यादा होगी, उन्हें कम शिक्षकों वाले विद्यालयों पर पदस्थापित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन की सचिव मनीषा त्रिघाटिया के स्तर से जारी आदेश में शैक्षिक सत्र 2018-19 में परिषदीय अध्यापकों का जनपद के भीतर समायोजन और स्थानांतरण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जिला स्तर पर चयन समिति का गठन होगा। जिलाधिकारी अध्यक्ष, बीएसए सचिव और प्राचार्य डायट तथा मुख्यालय पर कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी रहेंगे। यह समिति अध्यापकों के प्रत्यावेदन पर विचार करेगी। समायोजन प्रक्रिया में सर्वप्रथम कनिष्ठतम श्रेणी वाले अध्यापक संबंधित विकास खंड के निकटस्थ विद्यालय पर पदस्थापित किए जाएंगे।

यह भी कहा गया है कि दिव्यांग, असाध्य, गंभीर बीमारी से ग्रसित और महिला शिक्षकों के साथ समायोजन में विशेष सहूलियत रहेगी। उनकी सुविधानुसार पदस्थापन किया जाएगा। जिन विद्यालयों से सरप्लस अध्यापक हटाए जाएंगे वहां अन्य किसी की तैनाती नहीं हो सकती है। यह ध्यान दिया जाएगा कि समायोजन प्रक्रिया में कोई विद्यालय एकल न रहने पाए। अध्यापक- छात्र अनुपात 1 और 40 से अधिक तथा 1 और 20 से कम नहीं होना चाहिए। प्रत्येक जूनियर स्कूल में विज्ञान और गणित के अध्यापकों की उपलब्धता होना अनिवार्य है। 5 अगस्त तक स्थानांतरण और समायोजन की कार्रवाई पूरी कर लेनी है। फिलहाल तैनाती को लेकर असुविधा ङोल रहे शिक्षकों में उम्मीद की आस जग गई है।

विद्यालयवार रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई 1समायोजन और स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले विद्यालयवार रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जिन स्कूलों में अधिक तैनाती होगी वहां से अध्यापक हटाए जाएंगे। सभी स्कूलों में शिक्षक और छात्र अनुपात में समरूपता लाई जाएगी। 1अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी


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