अव्यवस्था से घिरे हैं परिषदीय स्कूल, बगैर बिजली के लटक रहा पंखा,कम दिखती है छात्रों की उपस्थिति

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बगैर बिजली के लटक रहा पंखा,कम दिखती है छात्रों की उपस्थिति

अव्यवस्था से घिरे हैं परिषदीय स्कूल, हाजिरी के लिए लगा बायोमीट्रिक सिस्टम भी शोपीस

बीएसए के निरीक्षण के बाद भी नहीं आया सुधार

मालीपुर : बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किए जा रहे औचक निरीक्षण के बाद भी विद्यालयों में समय से शिक्षक नहीं पहुंच रहे है। समय से विद्यालय पहुंचे बच्चे अपना बैग लेकर टहल रहे थे। विद्यालय में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के समय से न पहुंचने की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गई। प्रकरण नेशनल हाइवे पर बने प्राथमिक विद्यालय जफरपुर मुर्गजार (सुरहुरपुर) का है, जहां के शिक्षक और कर्मचारी 8.17 बजे विद्यालय में नहीं पहुंचे थे। जब इसकी जानकारी कुछ अभिभावकों को हुई तो उन्होंने ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रकरण से अवगत कराया। अभिभावकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ दिन पूर्व ही बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। साफ-सफाई के साथ ही पठन-पाठन से नाराज भी थे। एक ही कमरे में सभी बच्चों को बैठा कर पढ़ाया जा रहा था। सुधार लाने की नसीहत भी दिए थे, इसके बाद भी लापरवाही का यह आलम है।


संसू, जलालपुर (अंबेडकरनगर) : दैनिक जागरण द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर तो दिखने लगा है। परिषदीय विद्यालयों में जहां अध्यापक तो अधिकांशत: विद्यालयों में समय पहुंचने लगे, लेकिन बच्चों की गैरहाजिरी पूर्ववत वैसे ही दिख रही है। कारण कि अभिभावकों में अपने नौनिहालों के जीवन उत्थान की मानों ललक ही नहीं। उधर विभागीय स्तर से भी विद्यालयों के रखरखाव के लिए प्रयास का प्रभाव दिख रहा है। नतीजतन बहुतेरे विद्यालयों में बिजली तक की व्यवस्था नहीं दिख रही है। स्टाफ हाथ के पंखा के सहारे गर्मी से निजात पा रहा है, लेकिन बच्चों को तो जरा भी राहत नहीं मिल रही है। इससे बच्चे कक्ष से बाहर निकल जाते हैं।

बुधवार को प्रात: 9.11 बजे जमौली प्राथमिक विद्यालय का जायजा लिया गया। जहां जलालपुर-सुरहुरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण बच्चों की सुरक्षा के लिए मुख्य गेट बंद रहता है। विद्यालय की प्रधानाध्यापक स्वाती वर्मा, सहायक फरहीन जेहरा के अलावा शिक्षामित्र ऊषा देवी व पूनम वर्मा उपस्थित रहकर बच्चों को सहेज अपना उत्तरदायित्व निभाती मिलीं। यहां 50 फीसद से अधिक बच्चे स्कूल नहीं आए थे। पंजीकृत 112 में केवल 47 बच्चे उपस्थित रहे। जिनमें 74 नए पंजीकृत हैं। यहां बिजली की समस्या है। बिजली के अभाव में कमरे में लगे पंखे कोई मानने नहीं। शौचालय की अच्छी व्यवस्था है। हैंडपंप रिबोर होने के बावजूद शुद्ध पानी नहीं दे रहा है। आरओ सिस्टम प्लांट भी नहीं है। मिड-डे-मील गैस चूल्हे पर बनता है। विद्यालय में साफ-सफाई दिखी।

प्राथमिक विद्यालय करमिसिरपुर में 9.45 बजे पहुंचने पर प्रधानाध्यापक सुनीता वर्मा, सहायक गीता यादव, शिक्षामित्र प्रियंका पठन-पाठन में लगी थी। यहां 102 बच्चों में केवल 66 बच्चे ही रहे। यहां 28 का नया पंजीकरण हुआ है। विद्यालय के बेहतर रखरखाव में विभागीय स्तर से घोर लापरवाही उजागर हुई, जहां गत तीन माह से विद्यालय प्रांगण में ही स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर आज तक नहीं ठीक हुआ। जबकि विद्यालय स्तर पर कई बार शिकायत की गई। यहां भी हैंडपंप का पानी प्रदूषित है। आरओ प्लांट की दरकार है। विद्यालय में अग्निशमन यंत्र है, लेकिन फुंक रहे ट्रांसफार्मर को बुझान में खत्म गैस पुन: नहीं भराई गई। यह क्षेत्र का वह विद्यालय है, जहां गत छह माह पूर्व से अध्यापकों की हाजिरी के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम स्थापित है, लेकिन अभी काम नहीं कर रहा है।

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