डीएलएड (पूर्व बीटीसी) निजी संस्थानों पर अब कसेगा शिकंजा

डीएलएड संस्थानों पर अब कसेगा शिकंजा

आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी
हर साल पांच डायट्स होंगे पुरस्कृत
शैक्षिक सत्र के दौरान डायट्स की ओर से की जा रही शैक्षिक व अन्य गतिविधियों के आधार पर सत्र के अंत में अच्छा कार्य करने वाले पांच डायट्स का चयन किया जाएगा और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए डायट्स में होने वाले क्रियाकलाप का पांच मिनट का प्रस्तुतीकरण भी तैयार किया जाए।


डीएलएड (पूर्व बीटीसी) निजी संस्थानों की प्रदेश में बाढ़ आ गई है, उसी के सापेक्ष उन संस्थानों में अनियमितताएं बढ़ने की शिकायतें हैं। कालेजों में तैनात स्टाफ निरीक्षण के समय कई डायट प्राचार्यो को मौके पर नहीं मिला है। ऐसे में अब इन संस्थानों में प्रभावी शिकंजा कसने की तैयारी है। अब सभी कालेजों से संकाय सदस्यों का पूरा विवरण मांगा गया है। इसके बाद कालेजों का अभियान के रूप में निरीक्षण होगा।

प्रदेश के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट व निजी कालेजों में डीएलएड का दो वर्षीय पाठ्यक्रम चल रहा है। डायट की संख्या ज्यों की त्यों है, लेकिन निजी कालेजों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। 1इस समय 3419 कालेज सभी जिलों में संचालित हैं, तभी सीटों की संख्या दो लाख 30 हजार से भी अधिक हो गई है। पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि तमाम कालेजों में प्रशिक्षुओं से अवैध धन वसूला जा रहा है। ऐसे में प्रशिक्षणार्थी कालेज से गायब रहते हैं, शिकायत यहां तक है कि हर कार्य के लिए कालेजों ने अवैध रकम तय रखी है, जो अभ्यर्थी पढ़ना चाहते हैं उन पर भी धन देने का दबाव बनाया जा रहा है।

इस पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी के निदेशक संजय सिन्हा ने निर्देश दिया है कि डायट प्राचार्य इस पर प्रभावी अंकुश लगाएं। इस तरह की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, कालेजों में पढ़ाई कराने के लिए कड़े निर्देश दिए जाएं। निदेशक ने यह भी कहा है कि डायट प्राचार्य हर कालेज के संकाय सदस्यों का पूरा विवरण मसलन आधार नंबर व बैंक डिटेल आदि एससीईआरटी को 31 जुलाई तक उपलब्ध कराएं।

यह भी निर्देश दिया गया है कि संस्थानों की गतिविधि शुरू होते ही राज्य स्तर पर अधिकारियों की टीम भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा कि कालेजों में पढ़ाई हो रही है या नहीं और वहां प्रशिक्षणार्थी आ रहे हैं या नहीं। आदेशों का अनुपालन न होने पर कठोर कार्रवाई होगी। ऐसे ही डायट में भी सभी अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी समय से पहुंचे।

सख्ती

निजी संस्थानों में प्रशिक्षणार्थियों से धन वसूलने की शिकायतें

संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ नहीं रहता, संकाय सदस्य कई जगह पंजीकृत

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