सवाल:- कब आएगा पटरी पर शिक्षा विभाग?

खाली बैग लेकर स्कूल जाने को विवश

संसू, बाबाबाजार (फैजाबाद) : सरकार कोई भी हो, लेकिन परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। यह बात प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों से रूबरू होते ही आपको नजर आ जाएगी। पाठ्य-पुस्तकों के बिना बैग मुहैया हो चुका है, जैसे मोजे बगैर जूते। ऐसे में परिषदीय स्कूलों के बच्चों को खाली बैग लेकर पढ़ने जाना विवशता है। सरकार एक बार फिर शिक्षा विभाग को पटरी पर लाने में फिसड्डी साबित हुई है।

शैक्षिक सत्र 2018-19 को प्रारंभ हुए 62 दिन बीत गए। अब शेष 270 में 36 रविवार व 42 दिन अन्य अवकाश में निकल जाएंगे। इसके अलावा सत्र व वार्षिक परीक्षा के दरम्यान भी पढ़ाई बाधित रहेगी। यूं कहें कि कुल 184 दिन ही इन्हें ज्ञानार्जन का मोहलत मिल पाएगा, जिसमें ड्रेस, बैग, जूता-मोजा व पाठ्य-पुस्तक वितरण में भी इनका समय नष्ट होता है। वह इसलिए, शिक्षकों पर ही किताबें बीआरसी से ढोना और उसे बांटने का अतिरिक्त बोझ है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बेपटरी होती दिखाई दे रही है।

मवई शिक्षा क्षेत्र के अभिभावक संतोष कुमार, वीरेंद्र यादव व बृजेश कुमार कहते हैं कि हर बार जुलाई महीने में ही किताबें मुहैया करा देने के दावे हवा में उड़ जाते हैं। पूरा साल सिर्फ किताबें, ड्रेस, जूते-मोजे व बैग बांटने में ही गुजर जाता है। बच्चों की पढ़ाई चौपट होती है। मवई के बीइओ अरुण कुमार ने स्वीकार किया कि अब तक किताबें नहीं आई है।

पाठ्य पुस्तकों का पता नहीं1अब तक परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क मिलने वाली पाठ्य-पुस्तकें कहां पहुंची हैं। इसकी सटीक जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं है। खास बात यह है कि नवीन नामांकित कक्षा एक व छह के बच्चों के लिए स्कूल बैग मुहैया हो चुका है, लेकिन सत्यापन न हो पाने से यह बेमकसद बीआरसी में रखा है। यही हाल जूते का भी है। खंड शिक्षा अधिकारियों के दफ्तरों में जूते के खेप पहुंच चुके हैं, लेकिन इनके साथ मिलने वाले नि:शुल्क मोजे की खेप की लोकेशन विभागीय अफसर भी नहीं ट्रेस कर पा रहे हैं।

परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या 1रुदौली शिक्षा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 197 और उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या 57 है। बीते सत्र में प्राथमिक के 21 हजार 800 व पूर्व माध्यमिक में पांच हजार 341 बच्चे नामांकित थे। नया सत्र शुरू हुए दो माह से अधिक हो गए, लेकिन परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। वर्तमान में प्राथमिक स्कूलों में 18 हजार 900 व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 4800 की संख्या पहुंची है।

इसी तरह मवई ब्लॉक क्षेत्र में कुल प्राइमरी 124 व उच्च प्राइमरी 38 विद्यालय हैं। बीते सत्र में क्रमश: 18 हजार व चार हजार बच्चों की संख्या थी। अब इस संख्या में गिरावट आई है।

सवाल:- कब आएगा पटरी पर शिक्षा विभाग?

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