प्राथमिक विद्यालयों में न पढ़ाई न अनुशासन

विद्यालयों में पढ़ाई न अनुशासन

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरकारी योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ


संसू, जलालपुर (अंबेडकरनगर) : बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मौजूदा हालात और विभागीय दावों पर मशहूर शायर मिर्जा गालिब का यह शेर, मर्ज बढ़ता गया, ज्यों-ज्यों दवा की, एकदम सटीक बैठता है। विभाग के दावे के बावजूद भी परिषदीय विद्यालय में बदस्तूर बच्चों की अनुपस्थिति, अध्यापकों के विद्यालय पहुंचने में लेट-लतीफी, विद्यालयों भूमि पर अतिक्रमण, पेयजल असुविधा, गंदगी, अधिकांशत: मिड-डे-मील की दिक्कत मुंह खोले खड़ी हैं।

शनिवार को सुबह नौ बजे जागरण टीम ने मंगुराडिला प्राथमिक विद्यालय प्रथम का निरीक्षण किया, जहां पंजीकृत 91 बच्चों में केवल 35 मौजूद मिले। विद्यालय के प्रधानाध्यापक हौसिला प्रसाद व सहायक गीता यादव, चंद्ररेखा व अंजनी सोनी बच्चों की देखरेख कर पढ़ाने में जुटे थे। यहां नए सत्र में मिड-डे-मील नहीं बना। रसोइया नंदू उपस्थित था।

प्रधानाध्यापक का कहना है कि प्रधान राशन नहीं देते। वहीं प्रधान विमला देवी का कहना है कि राशन कैसे दिया जाए, जब कोटेदार की एक बार की गल्ला उठान पर प्रधानाध्यापक की मोबाइल का मैसेज राशन दो बार उठान बताता है। प्रधान ने बताया कि बीआरसी से संपर्क किया गया है। हास्यापद तो यह है कि स्कूल रजिस्टर के हिसाब से राशन की उठान होती है, लेकिन प्रधान के यहां राशन नहीं रहता। इंडिया मार्का-टू हैंडपंप दूषित पानी उगलता है। गैस सिलिंडर प्रधान के घर एवं गैस चूल्हा किसी अन्य के पास बताया गया।1सुबह 9.45 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय मंगुराडिला तो पठन-पाठन की गुणवत्ता तो दीगर ही ढेर सारी समस्याओं का दंश ङोल रही है। यहां तो पंजीकृत 39 बच्चों में 20 ही दिखे। विद्यालय में बिजली कनेक्शन तक नहीं है। गर्मी के दिनों में शिक्षकों व बच्चों को परेशानी हो रही है। राशन के अभाव में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवेंद्र प्रताप सिंह, सहायक मेराजुलहक, राजाराम व अनुचर अख्तर मेंहदी सभी मौजूद रहे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि हाल ही में तहसीलदार ने पुलिस बल लेकर बगल के व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण किए गए परिसर के थोड़े अंश को खाली कराया है। अतिक्रमण के चलते विद्यालय की चहारदीवारी नहीं बनी। यही नहीं घटिया निर्माण के चलते फर्श टूट रहे है। दीवारों व छतों में दरार पड़ रही है। यहां अग्निशमन यंत्र, कंप्यूटर आदि की सुविधा नहीं दिखी।


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