लापरवाही:- मदरसा शिक्षकों को तीस माह से नहीं मिला मानदेय

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मदरसा शिक्षकों को तीस माह से नहीं मिला मानदेय

जागरण संवाददाता, देवरिया : तीस माह से मदरसे के शिक्षकों को मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आलम यह है कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत जिले की 82 मदरसों में कुल 236 शिक्षकों की तैनाती मानदेय पर हुई। इसमें केंद्रांश और राज्यांश की धनराशि से उनको मानदेय दिया जाना था। राज्यांश की धनराशि दिसंबर 2017 तक तो मिल गई, लेकिन केंद्रांश की धनराशि तीस माह से नहीं मिली है। शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। लंबे समय से शिक्षकों के जूझ रहे मदरसों को उबारने के लिए सरकार ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना लागू की, जिसके तहत जिले के 82 मदरसों में 236 शिक्षकों को मानदेय पर तैनाती की। तैनाती के बाद कुछ दिन तक शिक्षकों को समय से मानदेय मिलता रहा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया। उनके मानदेय को लेकर सरकार अनदेखी करने लगी। इन शिक्षकों का मानदेय केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती है। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हिस्से की धनराशि मार्च 2017 से दिसंबर 2017 तक भुगतान कर चुकी है, लेकिन केंद्रांश की धनराशि मार्च 2016 से अब तक भुगतान नहीं किया गया है।

अंजुमन मदरसा इस्लामियां कपरवार के प्रबंधक मु. मूसा कहते हैं कि राज्यांश का पैसा दिसंबर 2017 तक मिल गया है, लेकिन केंद्रांश की धनराशि तीस माह से नहीं मिली है, जिससे शिक्षकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। शिक्षक अब्दुल अजीज व मु. आफताब आलम कहते हैं कि मानदेय का भुगतान समय न होने के कारण परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। जब समय से मानदेय मिलता था। उसी में किसी तरह परिवार का भरण पोषण किया जाता था, लेकिन इधर ढ़ाई वर्ष से केंद्र सरकार ने कोई धनराशि नहीं दी है, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

देवरिया : मदरसा आधुनिकी करण योजना के तहत दो श्रेणी के शिक्षक तैनात किए गए है। पहला बीए, एमए, बीएड वाले शिक्षक 112 हैं, जिनको राज्यांश का तीन हजार रुपये का दिसंबर 2017 तक भुगतान कर दिया है। केंद्रांश का 12 हजार रुपये के हिसाब से 3.60 लाख रुपये बकाया है। इसी प्रकार स्नातक वाले शिक्षकों की संख्या 124 है, जिनका राज्यांश का दो हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि केंद्रांश का छह हजार रुपये यानी 1.80 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज कुमार अग्रवाल ने बताया कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत तैनात शिक्षकों को राज्यांश की धनराशि दिसंबर 2017 तक भुगतान कर दिया गया है। इस साल का डिमांड शासन को भेजा गया है। केंद्रांश की धनराशि शिक्षकों को तीस माह से नहीं मिला है। उसके लिए प्रदेश से केंद्र को डिमांड भेजा गया है। उम्मीद है कि वह शीघ्र धनराशि अवमुक्त हो जाएगी।

जिले में 82 मदरसों पर तैनात हैं 236 शिक्षक

दिसंबर 2017 तक राज्यांश की धनराशि का हुआ भुगतान

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