शर्मसार: पाठशाला बनी पशुशाला

पाठशाला बनी पशुशाला

सरकार बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए करोड़ों रूपये खर्च करती हैं लेकिन योजना धरातल पर नजर नहीं आती। ये नजारा है शहर के प्राथमिक विद्यालय बरसाइतपुर का, जिसका भवन जर्जर होने के साथ परिसर में मवेशियों का डेरा और गोबर का अंबार लगा है। भवन जर्जर होने से बच्चों की जान का खतरा रहता है। आलम यह है कि एक ही कमरें में पांच कक्षाएं लगती हैं, सभी को एक ही महिला अध्यापक पढ़ाती हैं। विद्यालय अपनी दशा को खुद ही बयां कर रहा है। ’ संतोष यादव संजयसरकार बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए करोड़ों रूपये खर्च करती हैं लेकिन योजना धरातल पर नजर नहीं आती।

ये नजारा है शहर के प्राथमिक विद्यालय बरसाइतपुर का, जिसका भवन जर्जर होने के साथ परिसर में मवेशियों का डेरा और गोबर का अंबार लगा है। भवन जर्जर होने से बच्चों की जान का खतरा रहता है। आलम यह है कि एक ही कमरें में पांच कक्षाएं लगती हैं, सभी को एक ही महिला अध्यापक पढ़ाती हैं। विद्यालय अपनी दशा को खुद ही बयां कर रहा है।

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