साहब.. कभी स्कूल में झांक भी लीजिए

साहब.. कभी स्कूल में झांक भी लीजिए


छात्र झेलते दुश्वारियां
परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, छात्रों को नहीं मिली किताबें, नई ड्रेस भी अभी दूर

स्कूल तो है पर पीने को पानी नहीं

जलालपुर : प्राथमिक विद्यालय गौरा में सप्ताह भर से इंडिया मार्का-टू हैंडपंप की बोरिंग अभी न हो पायी। वहीं समूचा परिसर मिट्टी के ढेर से गंदा पड़ा है। बच्चे व शिक्षक पेयजल क लिए भटकते मिले। चहारदीवारी विहीन स्कूल में असुरक्षा का खतरा है। उत्तरी दीवारें बरसात के पानी रिसने से कमजोर हो रही हैं। दो अग्निशमन यंत्र है। यहां लकड़ी के चूल्हे पर मिड-डे-मील बन रहा था। प्रधानाध्यापक शमशाद जेहरा ने बताया कि नामांतरण के लिए गैस एजेंसी को प्रार्थना पत्र भेजा गया है। विद्यालय में कुल 64 बच्चे पंजीकृत है, जिसमें 32 की उपस्थिति रही। सहायक अध्यापिका काजमीन जेहरा व शिक्षामित्र पुष्पलता उपस्थित रही। आसीपुर प्राथमिक विद्यालय में भवनों के अभाव में कक्षा पांच के बच्चों को बगल के बाग के छाये में शिक्षक पढ़ा रहे थे। यहां केवल चार भवन हैं, नतीजतन कक्षा एक से चार तक के बच्चे एक ही बरामदे में पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक मजहरूल हक की मानें तो नए अतिरिक्त भवनों के निर्माण के लिए प्रधान की कोशिश जारी है। यहां कुल 130 बच्चे पंजीकृत है, जिनमें 106 उपस्थित रहे। यहां चहारदीवारी न होने से बच्चे असुरक्षित है। प्राथमिक विद्यालय हैसवापुर जहां पंजीकृत 111 में 64 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य अमीर हैदर, सहायक मनोज कुमार, हसन मेंहदी, शिक्षामित्र राकेश सिंह, आंगनबाड़ी चंद्रावती देवी व मीरा उपस्थित मिले। यहां 21 नए बच्चों का पंजीकरण हुआ है। मध्याह्न भोजन नहीं बना था। बच्चे शुद्ध पानी के लिए तरस रहे है। इंडिया मार्का-टू हैंडपंप प्रदूषित पानी उगल रहा है।

अंबेडकरनगर : बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शुद्ध पेयजल से लेकर शौचालय की समस्या से शिक्षक और छात्रों को जूझना पड़ रहा है। खंडहर जैसे नजर आते जर्जर स्कूली भवनों में हादसे का खतरा बना है, तो बारिश के मौसम में ठपकती छत और जलभराव मुसीबत है। नई किताबें छात्रों को मिली नहीं और नई ड्रेस भी छात्रों से फिलहाल काफी दूर है। गंभीर बात है कि अधिकारी विद्यालयों के निरीक्षण का दावा करते हैं, लेकिन वातानुकूलित कार्यालय छोड़ स्कूलों में झांकना भी मुनासिब नहीं समझते। शासन की मंशा के अनुसार अधिकारी अगर लगातार निरीक्षण करते रहें तो विद्यालयों में अधिकांश समस्याएं समय से दूर हो जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालयों का खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराया जाता है। यहां से मिलने वाली शिकायतों तथा समस्याओं का भी प्राथमिकता पर निदान होता है।

विद्युतनगर : टांडा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अरखापुर में सुबह 10 बजे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे मध्यान्ह भोजन खाने की प्रतिक्षा कर रहे थे। प्रधानाध्यापक सुनील कुमार मौके से नदारद थे। जानकारी करने पर पता चला कि वे मीटिंग में गए हैं। जबकि सहायक अध्यापिका उमा देवी, कहकशा अंजुम, सलमा तहजीब शिक्षण कार्य में लगी रही। विद्यालय में पंजीकृत 121 बच्चों के सापेक्ष महज 60 बच्चे ही उपस्थित थे। यहां बैग तो मिला है लेकिन किताबों और ड्रेस का वितरण नहीं हुआ है। प्राथमिक विद्यालय त्रिलोकपुर में पंजीकृत 115 बच्चों के सापेक्ष महज 57 बच्चे ही शुक्रवार को पढ़ने आए। प्रधानाध्यापक संतोष कुमार विद्यालय में मौजूद नहीं थे। विद्यालय में मौजूद एक सहायक व तीन शिक्षामित्र विद्यालय का शिक्षण कार्य देख रहे थे। विद्यालय के बच्चों के लिए स्थापित शौचालय का गेट यहा टूटा था। कक्षाकक्ष में चारों तरफ गंदगी और फर्श टूटी है। यहां भी किताबें नहीं पहुंची हैं। रेलवे क्रॉसिंग और तालाब के बगल से उबड़ खाबड़ सकरे रास्तों से होकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय अहलदादपुर में पहुचना बच्चों के लिए टेढ़ी खीर है। विद्यालय के बगल रेलवे क्रॉसिंग होने के बावजूद बाउंड्रीवॉल न बने होने के नाते यहा विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे हर समय खतरे की जद में है। यहा पंज कृत 128 बच्चों में 60 बच्चे ही स्कूल आए थे। बच्चों के लिए यहां बने दोनों शौचालयों में ताला लटक रहा था।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शबनम फिरदौस ने बताया कि विद्यालय के अधिकांश भूमि पर दबंगों ने कब्जा है। प्राथमिक विद्यालय चक आसोपुर में पंजीकृत 95 की जगह 55 बच्चे उपस्थित थे। पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यहां स्थापित इंडिया मार्का हैंडपंप जहां दूषित पानी दे रहा है। वही लगा एक देशी हैंडपंप भी खराब पड़ा है और रैंप टूटा हुआ है। किताबें न आने के चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। पांच कक्षाओं का संचालन करने के लिए यहां चार कक्ष ही हैं। शौचालय गंदगी के कारण ध्वस्त मिला। प्रधानाध्यापिका आस्था वर्मा ने बताया कि हैंडपंप दूषित पानी दे रहा है। प्राथमिक विद्यालय अलीगंज बालक में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई महज दो अध्यापकों के जिम्मे हैं। यहां प्रधानाध्यापिका खदीजा खातून व एक शिक्षामित्र पांच कक्षाओं के पठन पाठन का कार्य देखती हैं। विद्यालय में 110 पंजीकृत छात्र छात्रओं के स्थान पर 92 बच्चे स्कूल में मौजूद मिले। 1प्राथमिक विद्यालय अलीगंज बालिका की भी स्थिति कुछ इसी तरह की है। यहां पढ़ने वाले 110 बच्चों में महज 64 बच्चे ही विद्यालय में मौजूद मिले। प्रधानाध्यापिका नलमा शीरी व एक शिक्षामित्र के भरोसे चल रहे इस विद्यालय के अधिकांश कमरों में ताला लटक रहा है। यहां महज दो कमरों में ही पांच कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठकर शिक्षा ग्रहण कराया जा रहा है। हल्की बारिश से स्कूल में कीचड़ फैला मिला और जिस कमरे में बच्चे बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे थे वहां चारों तरफ पानी फैला हुआ था। प्राथमिक विद्यालय छज्जापुर में पंजीकृत 101 बच्चों में से 72 बच्चे स्कूल में मौजूद मिले।

यहां अध्यापकों की नियुक्ति न होने के चलते दो शिक्षामित्रों के कंधों पर ही पठन पाठन का जिम्मा है। खंड शिक्षा अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में संचालित प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलाया जा रहा है। शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। 1प्राथमिक विद्यालय आसीपुर के बरामदे में बच्चों को पढ़ाते शिक्षिक, शौचालय कक्ष में बंद ताला, प्राथमिक विद्यालय आसीपुर के बरामदे में बच्चों को पढ़ाते शिक्षिक, प्राथमिक विद्यालय गौरा कमाल में चूल्हे पर खाना बनाती रसोइया ’ जागरणशिक्षा क्षेत्र टांडा के प्राथमिक विद्यालय अलीगंज कन्या के कक्ष में पानी के बीच पढ़ते बच्चे, प्राथमिक विद्यालय गौरा में खराब पड़ा हैंडपंप व परिसर में मिट़टी का ढेर



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