दूरी व साधन न होने का दे रहे हवाला, स्कूल बदलवाने को कार्यालय का लगा रहे चक्कर

स्कूल बदलवाने को कार्यालय का लगा रहे चक्कर

दूरी व साधन न होने का दे रहे हवाला, अंतर जनपदीय स्थानांतरण में आए 348 शिक्षकों में से 337 महिलाएं

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : अंतर जनपदीय स्थानांतरण के जरिये गोरखपुर आने वाले शिक्षकों को काउंसिलिंग के जरिये विद्यालय मिल गए हैं। अधिकतर ने अपने विद्यालयों पर ज्वाइन भी कर लिया है, लेकिन वहां पढ़ाने की बजाय स्कूल बदलवाने को वे आए दिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इनमें से अधिकतर स्कूल दूर होने व साधन न होने का हवाला दे रहे हैं।

जब अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सूची सार्वजनिक हुई तो इसमें शामिल शिक्षकों के चेहरे खिल उठे। विभिन्न जनपदों से गोरखपुर में प्राइमरी के सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक व जूनियर हाई स्कूल के सहायक अध्यापक गोरखपुर आए। दो दिनों तक काउंसिलिंग कराने के बाद उन्हें विद्यालय भी आवंटित कर दिए गए। विद्यालय आवंटन के लिए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का सहारा लिया गया और उन्हीं से विकल्प भी भरवाए गए। विद्यालय मिलने पर उनकी खुशी गायब हो गई। पहले दो दिनों में कुछ शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया, लेकिन कई शिक्षक व उनके परिजन विद्यालय बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय का चक्कर ही लगाते रहे। कोई आश्वासन मिलता न देख उन्होंने भी स्कूल पर ज्वाइन करना उचित समझा, लेकिन इसके बाद भी विद्यालय बदलवाने की प्रक्रिया में कमी नहीं आई।

जहां विद्यालय, वहीं शिक्षक का मुख्यालय : विद्यालय बदलवाने व दूरी का हवाला देने आने वाले शिक्षकों को यह स्पष्ट किया जा रहा है कि जिस विद्यालय पर उनकी तैनाती है, वहीं उनका मुख्यालय है, इसलिए दूरी कोई समस्या नहीं है। यहां आने वाले कुल शिक्षकों में से 11 को छोड़ बाकी सभी महिलाएं ही हैं।

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