एक स्कूल, जहां पहुंचने को मार्ग तक नहीं

Basic Shiksha Latest News, School Pahuchane ko Marg Tak Nahi

एक स्कूल, जहां पहुंचने को मार्ग तक नहीं

संवादसूत्र, मोतिगरपुर (सुलतानपुर) : ब्लाक अंतर्गत एक विद्यालय ऐसा है जहां पहुंचने के लिए एक अदद रास्ता तक नहीं है। मेड़ों की पगडंडियों के सहारे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, बरसात के दिनों में तो स्कूल में बच्चों की संख्या ना के बराबर रहती है। इस बाबत कई बार शिकायत भी हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। आज तक प्रशासन एक अदद मार्ग तक नहीं उपलब्ध करा पाया है।

वर्ष 2014-15 में खैरहा यादव बस्ती में प्राथमिक विद्यालय का शुभारंभ हुआ। विद्यालय निर्माण के दौरान रास्ते का ध्यान नहीं दिया गया। जो आम रास्ता चल रहा था वह गांव के ही एक व्यक्ति के खेत से होकर जाता है। गांव के व्यक्ति ने उसे अपना खेत बताते हुए मेड़बंदी कर जुताई करवा दिया और विद्यालय का रास्ता बन्द हो गया।

अब किसी तरह बच्चे व अध्यापक मेड़ों के सहारे स्कूल पहुंचते हैं। मौजूदा समय विद्यालय में छात्रों की संख्या 118 है। गोमती के किनारे स्थित इस गांव के बच्चों को विद्यालय पहुंचने में पगडंडियों से होकर गिरते पड़ते पहुंचना पड़ता है। हल्की सी भी चूक हुई तो बच्चे पांच फुट नीचे गिरकर चोटिल हो जाते हैं, और कीचड़ में बच्चों का बैग व कपड़ा सन जाता है सो अलग से।

बरसात होने पर बच्चे स्कूल आते ही नहीं हैं। यही नहीं शिक्षण कार्य में कार्यरत शिक्षकों को बाइक व साइकिल सूनसान जगहों पर विद्यालय से करीब आधा किलोमीटर दूर खड़ी करनी पड़ती है। पांच साल से संचालित इस विद्यालय की विवशता किसी भी उच्चाधिकारियों को नहीं दिख रही है7 एक हफ्ते पहले विद्यालय तक पहुंचने वाली पगडंडी पर गांव के एक व्यक्ति ने अपना चक बताते हुए जेसीबी से खाई बना दी, तब से विद्यालय पहुंचने में बच्चों व शिक्षकों को और भी समस्या उत्पन्न होती है।


Basic Shiksha Latest News, School Pahuchane ko Marg Tak Nahi

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

(cc) Some Rights Reserved. Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget