स्कूलों में दर्ज होंगे आशा व एएनएम के नाम

जागरण संवाददाता, महराजगंज: जापानी इन्सेफ्लाइटिस (जेई) व एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर प्रभावित नियंत्रण लगाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के समस्त 2127 परिषदीय विद्यालयों में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, गांव की आशा व एएनएम का नाम व मोबाइल नंबर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। विद्यालयों में इन नंबरों के दर्ज होने से बच्चों को ऐसे बीमारियों से बचाने व त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

जेई व एईएस के मामले में गोरखपुर व बस्ती मंडल को अति संवेदनशील माना गया है तथा यहां पर जागरूकता विषयक कार्यक्रम निरंतर संचालित हो रहे हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण के माध्यम से जेई व एईएस के लक्षण व उसके बचाव के बारे में निरंतर जानकारी दी जा रही है। विभाग ने बच्चों को ऐसे रोगों से बचाने व उससे जुड़ा लक्षण दिखने पर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए परिषदीय विद्यालयों में नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक, गांव की आशा व एएनएम के नाम व मोबाइल नंबर को अंकित कराने का निर्णय लिया है। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई बच्चा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहा है तो उसके बारे में पता करें तथा बुखार आदि की सूचना मिलने पर गांव की आशा व अन्य को सूचित कर उसे त्वरित उपचार मुहैया करवाने पर जोर दें।

जिम्मेदारों को दिया गया है निर्देश- बीएसए 1जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि स्कूलों में चिकित्सकों, आशा व एएनएम का नाम दर्ज कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व विभागीय जिम्मेदारों को निर्देशित कर दिया गया है। नाम व नंबर के अंकित होने से लोगों को राहत मिलेगी।

परिषदीय विद्यालयों में नाम अंकित कराने के लिए दिए गए निर्देश

बच्चों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराने के लिए पहल



स्कूलों में दर्ज होंगे आशा व एएनएम के नाम

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