खुश खबरी:- राज्यकर्मियों, शिक्षकों का एचआरए-सीसीए दोगुना, 15 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मियों को होगा फायदा

राज्यकर्मियों, शिक्षकों का एचआरए-सीसीए दोगुना

15 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मियों को होगा फायदा, पहली जुलाई से लागू होंगी भत्तों की बढ़ी दरें

फायरमैन की सीधी भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों, राजकीय व सहायताप्राप्त शिक्षकों, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों का मकान किराया भत्ता (एचआरए) और नगर प्रतिकर भत्ता (सीसीए) दोगुना करने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले का लाभ उन स्थानीय निकायों, स्वशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों के कार्मिकों को भी मिलेगा जिनमें पुनरीक्षित वेतन मैटिक्स लागू किया गया है।

इन भत्ताें की बढ़ी दरें पहली जुलाई 2018 से लागू होंगी जिनका भुगतान अगस्त के वेतन के साथ होगा। एचआरए बढ़ने का फायदा प्रदेश के लगभग 15.02 लाख कर्मचारियों व शिक्षकों को होगा। वहीं सीसीए में इजाफे का लाभ प्रदेश में एक लाख से अधिक आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को मिलेगा।

कर्मचारियों व शिक्षकों के भत्ते बढ़ाने के बारे में राज्य वेतन समिति की सिफारिशों के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में इन फैसलों के समेत कुल आठ निर्णय हुए। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने फैसलों की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव वित्त ने बताया कि एचआरए और सीसीए की मौजूदा दरें एक दिसंबर 2008 से लागू हैं। सातवां वेतनमान एक जनवरी 2016 से लागू हो चुका है। सातवें वेतन आयोग के संदर्भ में गठित राज्य वेतन समिति ने कर्मचारियों और शिक्षकों के भत्ताें के बारे में अपनी रिपोर्ट फरवरी में मुख्यमंत्री को सौंपी थी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : राज्य सरकार के अधीन लोक सेवाओं और सरकारी पदों पर दिव्यांगों को अब चार प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। अभी इन्हें सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण मिलता है।

कैबिनेट बैठक में इसके लिए उप्र लोक सेवा आयोग (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) अध्यादेश, 2018 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई। केंद्र सरकार ने नि:शक्तजन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 को रद करते हुए नि:शक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016 लागू किया था। इस अधिनियम में राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्ति के लिए दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसमें दिव्यांगों को पांच श्रेणियों में बांटा गया है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश की अग्निशमन सेवा में फायरमैन के पद पर सीधी भर्ती के लिए अब शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए उप्र अग्निशमन सेवा अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारी सेवा (प्रथम) संशोधन नियमावली-2018 को मंजूरी दे दी गई। अग्निशमन सेवा के कार्मिकों की सेवा शर्तो को तय करते हुए राज्य सरकार ने 15 मार्च 2016 को उप्र अग्निशमन सेवा अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारी सेवा नियमावली-2016 जारी की थी।

उप्र पुलिस आरक्षी तथा मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली (यथा संशोधित) में पुलिस के आरक्षी पद के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है। इसी आधार पर सरकार ने अग्निशमन सेवा नियमावली में संशोधन किया है।लखनऊ में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक के बाद बाहर आते उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य साथ में उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, कानून मंत्री बृजेश पाठक व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पशुधन मंत्री एसपी सिंह बघेल ।


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