बिना नाप के सिलवाई बच्चों की ड्रेस, शिक्षकों ने लौटा दीं

जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : टप्पल क्षेत्र में सोमवार को शिक्षकों ने रेडीमेड ड्रेस बच्चों में बंटवाने से इन्कार कर दिया। ड्रेस सिलने का काम स्वयं सहायता समूह को भी दिया गया है, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिल सके। समूह बिना नाप लिए ड्रेस सिलकर दे रहे हैं। शासन के निर्देश हैं कि बच्चों की नाप लेकर ही ड्रेस सिली जाए। टप्पल क्षेत्र में करीब 170 सरकारी स्कूल हैं। सोमवार को स्वयं सेवा समूह की कुछ महिलाएं ड्रेस का बंडल लेकर शिक्षकों को देने स्कूल पहुंचीं।

जूनियर हाईस्कूल हामिदपुर के हेडमास्टर विनोद चौहान व प्राइमरी स्कूल हामिदपुर की प्रधानाध्यापक मधु चौहान ने बताया कि उनके स्कूल के बच्चों की नाप नहीं ली गई, लेकिन समूह की महिलाएं ड्रेस लेकर आ गईं। जबरन ड्रेस थोपने की कोशिश कर रही थीं। ड्रेस नहीं ली गई और महिलाओं को लौटा दिया गया।1उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ टप्पल के मंत्री देवदत्त शर्मा ने बताया कि बिना नाप लिए तैयार की गई ड्रेस शिक्षक बंटवा दें और डीएम की कार्रवाई ङोलें। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह ड्रेस बनाएं, उसमें आपत्ति नहीं है। मगर, पहले बच्चों की नाप लें। सोमवार को ही टप्पल ब्लॉक का चार्ज संभालने वाले एबीएसए विनोद कुमार भारती से इसकी शिकायत भी की है।

बीएसए डॉ. एलके पांडेय ने कहा कि, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के खाते में राशि भेजी गई है। वे अपने विवेक से काम करने को स्वतंत्र हैं। ड्रेस सिलने का काम स्वयं सेवा समूह से करवा सकते हैं। अगर बिना नाप लिए ड्रेस सिली गई है तो शिक्षक बिल्कुल न लें। मंगलवार को पता कराएंगे कि कौन हैं, जो बिना नाप लिए ड्रेस लेकर पहुंच रहे हैं।

बिना नाप के सिलवाई बच्चों की ड्रेस, शिक्षकों ने लौटा दीं

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