बच्चे पढ़कर ही नहीं वीडियो देखकर भी समझ सकेंगे पाठ

जागरण संवाददाता, हरदोई: परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को किताब का पाठ समझने में परेशानी नहीं होगी। जो पढ़कर समझ में नहीं आएगा, उसे वीडियो से लेकर चित्रों के माध्यम से समझाया जाएगा। न केवल बच्चों को इसका लाभ मिलेगा बल्कि कक्षाओं में शिक्षक शिक्षिकाएं भी वीडियो के माध्यम से बच्चों को आसानी से पढ़ा सकेंगे।

पाठ्य पुस्तकों में समाहित क्यूआर कोड से ऐसा संभव हो सकेगा। प्रदेश के 25 शिक्षक शिक्षिकाओं को अपने विचार, वीडियो लिंक करने का मौका मिला था। जिसमें हरदोई के सांडी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका भी शामिल है। निदेशालय ने क्यूआर कोड लिंक के संबंध में परीक्षण का आदेश दिया है। परिषदीय विद्यालयों की पाठ्य पुस्तकों में भी कान्वेंट स्कूलों की तरह क्यूआर कोड का इंतजाम किया गया है। हरदोई के सांडी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जजबासी की शिक्षिका दिव्या अवस्थी को भी मौका मिला था और उन्होंने कक्षा छह, सात और आठ की अंग्रेजी की पाठ्य पुस्तक रेनबो में अपना विचार लिंक किया था।

शिक्षिका दिव्या ने बताया कि हर विषय की पुस्तक पर क्यूआर कोड है। इसके स्कैन भी किया जा सकता है या कोई व्यक्ति अपने मोबाइल में विशेष ऐप दिक्षा डाउनलोड कर उसे स्कैन कर सकता है। दिव्या ने बताया कि जैसे ही किसी विषय के पाठ के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा। उस पाठ से जुड़े सभी वीडियो या अन्य पाठ्य सामग्री सामने आ जाएगी। जिससे बच्चे आसानी से समझ सकेंगे। साथ ही अगर कोई अपने मोबाइल से भी दिखाना चाहेगा तो कक्षा में उसे स्कैन कर बच्चों को वीडियो से समझा सकेगा। पाठ्य पुस्तकों की इस व्यवस्था के संबंध में निदेशक राज्य अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश की तरफ से संबंधित जिलों को पत्र जारी किया गया है। जिसमें परीक्षण की बात कही गई है।

बच्चे पढ़कर ही नहीं वीडियो देखकर भी समझ सकेंगे पाठ

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