प्राथमिक विद्यालय का हाल बेहाल, छत से टपकता पानी, दीवारें चिटकी


विद्यालय का हाल, छत से टपकता पानी, दीवारें चिटकी

खतरा: प्राथमिक विद्यालय नगवापेड़ी व जरिगवां की स्थिति खराब, बीईओ बोले, जल्द तैयार कराया जाएगा मरम्मत का प्रस्ताव

प्रधानाध्यापक व शिक्षक को नोटिस होगी कार्रवाई, गुणवत्ताहीन मिले पिसे हुए थे मसाले व ऑयल

एमडीएम में निकला कीड़ा, प्रधान पर कार्रवाई की संस्तुति

संसू, संदना (सीतापुर) : विकास खंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय नगवापेड़ी व प्राथमिक विद्यालय जरिगवां में बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करने को विवश हैं। शिक्षक व अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। अवगत कराने के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या की अनदेखी कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय जरिगवां के भवन में छत चिटकी है। दीवारों में भी दरारें हैं। इससे बारिश होने पर पानी टपकता रहता है। अक्सर पढ़ते समय छत का प्लास्टर टूटकर गिरता है। शिक्षकों ने बताया कि बीआरसी पर अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।

कुछ ऐसे ही हालात प्राथमिक विद्यालय नागवापेड़ी में भी है। यहां कक्षा तीन का कक्ष जर्जर है। कक्ष का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। दीवारों में सीलन बनी रहती है। कई बार पढ़ते समय बच्चों पर प्लास्टर गिर चुका है। बीआरसी पर शिकायत के साथ खंड शिक्षा अधिकारी को भी पूर्व में अवगत कराया जाता रहा।गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय जरिगवां की जजर्र छत व दीवार ’ जागरणभवनों के जर्जर होने की शिकायतें संज्ञान में आई हैं। अधिकारियों से वार्ता कर इनकी मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा।

शैलेंद्र शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी, गोंदलामऊसंसू,सीतापुर: विद्यालय की रसोई में प्रयोग होने वाला मसाला ब्रांडेड नहीं था। डिब्बों की जगह पॉलीथीन में रखा मसाला पिसाया गया था। सरसों का तेल पीपे में रखा हुआ था। एमडीएम के जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन में निकले कीड़े की जांच करने गए तो स्कूल की रसोई से गुणवत्ता नदारद मिली।

कीड़ा निकलने की पुष्टि होने पर प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजी गई है, जबकि प्रधानाध्यापक व इंचार्ज शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। ऐलिया ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहई में 10 जुलाई को मध्याह्न भोजन में दाल और चावल में कीड़ा निकला था। सातवीं की छात्र विमला की इस शिकायत पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक आशीष पांडेय ने दाल व चावल को फेकवा दिया था। एमडीएम समन्वयक ब्रज मोहन सिंह ने पूरे मामले की जांच की और सूड़ी कीड़ा निकलने की पुष्टि होने पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। जांच में एमडीएम समन्वयक ने पाया कि प्रधानाध्यापक राकेश कुमार दो जुलाई से चिकित्सीय अवकाश पर हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापक आशीष पांडेय के पास विद्यालय का मौखिक प्रभार है। 10 जुलाई को कीड़ा निकलने की पुष्टि अनुदेशक विनीता ने करते हुए बताया कि छात्र ने कीड़ा निकलने की शिकायत की थी। बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसने से पूर्व रसोइया सुशीला व अनुदेशक विनीता ने खाना चखा भी था। जांच में मध्याह्न भोजन पंजिका में अप्रैल व मई के पृष्ठों पर प्रधानाध्यापक हस्ताक्षर भी नहीं थे। समन्वयक ने मसाला रखने के लिए डिब्बे क्रय न करने व हस्ताक्षर न करने के लिए प्रधानाध्यापक दोषी पाए गए। प्रधान धर्मपाल सिंह को खुले मसाले व तेल प्रयोग कराने का दोषी तथा इंचार्ज प्रधानाध्यापक आशीष पांडेय को लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। एमडीएम समन्वयक ने बताया कि स्पष्टीकरण आने के बाद प्रधानाध्यापक व सहायक पर कार्रवाई की जाएगी।





प्राथमिक विद्यालय का हाल बेहाल, छत से टपकता पानी, दीवारें चिटकी

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

(cc) Some Rights Reserved. Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget